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Sarvadosh Samulnaash Mahayadnya (25 April 2026)

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सर्वदोष समूलनाश महायज्ञ (मुख्य परिचय)


सर्वदोष समूलनाश महायज्ञ – एक दिव्य आध्यात्मिक क्रांति

सतयुग से लेकर कलियुग तक यज्ञ की परंपरा सृष्टि संतुलन की आधार रही है। परंतु इतिहास में पहली बार ऐसा महायज्ञ आयोजित हो रहा है, जो सभी प्रकार के दोषों, पापों और नकारात्मक ऊर्जाओं का समूल नाश करेगा। यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि वह दिव्य प्रक्रिया है जिसमें मनुष्य अपने जीवन के सभी कर्मबंधन, ग्रहबाधाएँ और पारिवारिक क्लेशों से मुक्त होता है।

यह संभव हुआ है केवल आद्य तत्व जागृति के माध्यम से वह दिव्य शक्ति जिसे पूज्य स्वामी शिवानंद दादाजी ने प्रकट किया है। यह महायज्ञ कलियुग का ऐसा आध्यात्मिक प्रयोग है, जिसमें अग्नि केवल आहुति नहीं लेती, बल्कि अंधकार को जलाकर जीवन में नवचेतना और दिव्यता का संचार करती है।

यज्ञ का महत्व, भारतीय संस्कृति का आधार

यज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा की शुद्धि का माध्यम है। ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद सभी में यज्ञ की महिमा का वर्णन मिलता है। प्राचीन काल में ऋषि-मुनि यज्ञ के माध्यम से ब्रह्मांडीय ऊर्जा से जुड़ते थे और समाज व प्रकृति का संतुलन बनाए रखते थे।

यज्ञ का अर्थ केवल सामग्री अर्पण करना नहीं, बल्कि अपने अहंकार, क्रोध, नकारात्मक विचारों और दुर्भावनाओं को अग्नि में समर्पित करना है। इसलिए यज्ञ को आत्मशुद्धि का सर्वोत्तम साधन और लोककल्याण का मार्ग कहा गया है।

आज के युग में भी यज्ञ उतना ही आवश्यक है क्योंकि यह वातावरण को शुद्ध करता है, मानसिक शांति देता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भरता है।


स्वामी शिवानंद दादाजी और संस्था का संक्षिप्त विवरण

स्वामीजी का जीवन एवं आध्यात्मिक कार्य

आद्य परमसुख स्वामी शिवानंद दादाजी (क्षेत्र पिंपळनेर, जिला धुले, महाराष्ट्र) संपूर्ण भारतवर्ष में दादाजी नाम और दादाजी संप्रदाय का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।

स्वामीजी ने अखंड 48 वर्षों की गहन ध्यान, योग साधना और यज्ञ तप के माध्यम से अमूल्य दिव्य शक्ति प्राप्त की है। उनकी साधना से अनेकों साधक कुण्डलिनी जागरण, चक्र भेदन, तृतीय नेत्र जागरण (दिव्य दृष्टि) और आत्म-साक्षात्कार का अनुभव कर रहे हैं।

उनके आशीर्वाद से साधकों के जीवन में दिव्यता, शांति और परमात्मा का अनुभव प्रकट हो रहा है।

आद्य दादाजी स्पिरिचुअल फाउंडेशन के बारे में

आद्य दादाजी स्पिरिचुअल फाउंडेशन मानवता की सेवा, सद्गुणों के संवर्धन और आध्यात्मिक जागृति के लिए समर्पित एक प्रतिष्ठित संस्था है।

इस फाउंडेशन का उद्देश्य ध्यान, योग, संस्कार और प्राचीन ज्ञान परंपराओं के माध्यम से समाज में आध्यात्मिक चेतना का व्यापक प्रसार करना है।

 
यज्ञ में शमन होने वाले प्रमुख दोष
यज्ञ में शमन होने वाले प्रमुख दोष –  
      1. पितृ दोष – पूर्वजों के अपूर्ण कर्मों से उत्पन्न बाधाओं से मुक्ति
      2. कालसर्प दोष – राहु-केतु संयोग से उत्पन्न अशुभ प्रभावों का निवारण
      3. गुरु चांडाल दोष – आध्यात्मिक प्रगति में आने वाले अवरोधों का नाश
      4. ग्रहण दोष – सूर्य या चंद्र ग्रहण से संबंधित नकारात्मक प्रभावों का शमन
      5. मंगल दोष (कुज दोष) – विवाह में आने वाली कठिनाइयों का निवारण
      6. चंद्र दोष – मानसिक अशांति, तनाव और अवसाद से मुक्ति
      7. शनि दोष (साढ़ेसाती व ढैय्या) – कर्मबंधन और आर्थिक संकटों से राहत
      8. शुक्र दोष – दांपत्य जीवन में प्रेम, संतुलन और सुख की प्राप्ति
      9. राहु दोष – भय, भ्रम और अस्थिरता का अंत
      10. केतु दोष – आध्यात्मिक उलझनों और नकारात्मकता से मुक्ति
      11. अरिष्ट दोष – अशुभ संकेत, दुर्घटनाएँ व अनपेक्षित बाधाओं का निवारण
      12. नवग्रह दोष – सभी ग्रहों की अनुकूलता और जीवन में स्थिरता
      13. गण्डमूल दोष – जन्म नक्षत्र से जुड़े दोषों का शमन
      14. कर्म दोष – पूर्वजन्म के अपूर्ण कर्मों का निवारण
      15. कुल दोष – कुल दोष, नकारात्मक ऊर्जाओं का शुद्धिकरण
      16. मातृ दोष – मातृ वंश की नकारात्मक ऊर्जाओं का शुद्धिकरण
      17. पितृ ऋण दोष – पूर्वजों के ऋण और कर्मबंधन से मुक्ति
      18. पूर्वजन्म दोष – पिछले जन्मों के अधूरे कर्मों से मुक्ति
      19. संतान दोष – संतान प्राप्ति और पारिवारिक स्थिरता में सफलता
      20. पारिवारिक दोष – वाद-विवाद और नकारात्मकता का निवारण
 
महायज्ञ के लाभ ​
 

महायज्ञ के लाभ –

      • जन्म-जन्मांतर के सभी दोषों से मुक्ति
      • ग्रह, नक्षत्र और पितृदोष का शमन
      • वास्तु, कर्म और पारिवारिक दोषों का निवारण
      • मानसिक शांति, सुख-समृद्धि की प्राप्ति
      • धन, आरोग्य, संतान और जीवन में स्थिरता
      • साधना में प्रगति और आध्यात्मिक उन्नति
      • दांपत्य जीवन में प्रेम, सौख्य और समृद्धि
      • जीवन में दिव्यता और मोक्षमार्ग का अनुभव​​ 

यजमान हेतु विशेष सूचना

समय पर उपस्थित रहें।

गणेश प्रतिमा, तांबा थाल (ताट-ताम्हन), पात्र, शिवलिंग, कलश, आसन आदि साथ लाएँ।

चमड़े के वस्त्र, बेल्ट, वॉलेट, पर्स आदि साथ न लाएँ।

फूल, अगरबत्ती आदि सामग्री आयोजक मंडल द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।

सुबह चाय-नाश्ता तथा दोपहर एवं रात का भोजन आयोजन समिति द्वारा प्रदान किया जाएगा।

प्रशस्त पार्किंग की उत्तम व्यवस्था उपलब्ध है।

सहभागिता राशि (यजमान हेतु): 5100/- केवल

संपर्क: 7005530055